अगर किसी भी काम को पूरी शिद्दत से किया जाए, तो उसमें सफलता हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता है. ऐसी ही कहानी एक लड़की की है, जो 35 किमी रोजाना सफर करके पढ़ाई करके JEE Exam में 47वीं रैंक हासिल की
कहा जाता है कि बिना संघर्ष के कुछ नहीं मिलता. अगर किसी भी चीज को पाना हो, तो पूरी शिद्दत के साथ उसके लिए काम करना होता है. ऐसी ही कहानी एक लड़की की है, जो रोजाना 35 किमी का सफर करके पढ़ाई करने जाती थी. कई बार उनके मन में ख्याल आया कि पढ़ाई छोड़ दूं. लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. आखिरकार मेहनत रंग लाई और उन्होंने जेईई की परीक्षा में 47वीं रैंक हासिल की. हम जिनके बारे में बात कर रहे है, उनका नाम कृति तिवारी (Krati Tiwari) है.
कृति तिवारी मध्य प्रदेश के महू (Mhow) शहर की रहने वाली है. उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और संघर्ष के माध्यम से जेईई एडवांस्ड में सफलता हासिल की हैं. इस परीक्षा में उन्होंने लड़कियों की कैटेगरी में टॉप स्थान ग्रहण किया है. कृति इस साल JEE Advance में ऑल इंडिया रैंक 47 हासिल करने में सफल रही हैं. इसके साथ ही उन्होंने 3,048 महिला उम्मीदवारों को पीछे छोड़ दिया था. इसके बाद उन्होंने IIT बॉम्बे में दाखिला लिया.
जेईई की परीक्षा में 47 रैंक लाने वाली कृति तिवारी ने IIT बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में बीटेक की पढ़ाई समाप्त की हैं. आईआईटी के लिए बॉम्बे पहुंचने का सफर उनके लिए आसान नहीं था. कृति तिवारी रोजाना इंदौर जाने के लिए 35 किमी की यात्रा करती थीं. यह लंबी यात्रा उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन गई थी और कई बार तो उन्होने पढाई छोड़ने के बारे में भी सोचा था. हालांकि उनका जुनून और आईआईटी में दाखिला पाने का सपना था, जिसने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया.
कृति तिवारी ने IIT बॉम्बे से पढ़ाई करने के बाद गूगल में इंटर्नशिप की. लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार इसके बाद उन्होंने आईआईटी बॉम्बे के प्लेसमेंट सेल में इंटर्नशिप को ऑर्डिनेटर के तौर पर भी काम किया है. बाद में उन्होंने गूगल में ही सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम ज्वाइन किया है. फिलहाल अभी भी वह गूगल के सनीवेल, कैलिफोर्निया, अमेरिका में काम कर रही हैं.
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