JNU Student Hunger Strike: JNU के पीएचडी प्रोग्राम में दाखिले के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू हो गई है। लेकिन विश्वविद्यालय छात्र संघ इसके खिलाफ है और छात्र भूख हड़ताल पर हैं। वे संस्थान के इस फैसले से सहमत नहीं हैं क्योंकि विश्वविद्यालय ने UGC NET उम्मीदवारों को बाहर रखा है।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए पीएचडी में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। विश्वविद्यालय ने यूजीसी-नेट (UGC-NET) के छात्रों को इसमें शामिल नहीं किया है, जिसके विरोध में छात्र संघ भूख हड़ताल पर है।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में पीएचडी की प्रवेश प्रक्रिया के बीच छात्र संघ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर है। छात्र संस्थान के इस फैसले से बिल्कुल भी सहमत नहीं हैं। इसी के चलते उन्होंने पीएचडी कोर्स में JNU प्रवेश प्रक्रिया 2025-26 के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। आपको बता दें कि विश्वविद्यालय ने जून 2025 में होने वाली यूजीसी-नेट परीक्षा के उम्मीदवारों को बाहर कर दिया है। इसके साथ ही पीएचडी कोर्स में प्रवेश के लिए JNU प्रवेश परीक्षा (JNUEE) को फिर से शुरू नहीं किया गया है। जिससे छात्र काफी नाराज हैं
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, JNU ने शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए पीएचडी में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। JNU ने यूजीसी-नेट परीक्षा देने वाले छात्रों को इस प्रक्रिया से बाहर रखा है। लेकिन छात्र विश्वविद्यालय के इस फैसले से बिल्कुल भी खुश नहीं हैं। वे चाहते हैं कि JNU प्रवेश परीक्षा 2025 फिर से शुरू की जाए। छात्र संघ इस मांग को लेकर भूख हड़ताल कर विरोध कर रहा है।
छात्र संघ इस प्रवेश प्रक्रिया को भेदभावपूर्ण और अलोकतांत्रिक बता रहा है। उनका कहना है कि यह प्रक्रिया सही नहीं है। छात्र संघ ने कहा कि विश्वविद्यालय जून 2025 में NEET परीक्षा पास करने वाले छात्रों को प्रवेश नहीं दे रहा है। इनमें से कई छात्र अभी एमए पास हैं। छात्र प्रतिनिधियों के अनुसार, इससे एमए पास कई छात्र प्रभावित होंगे।
JNUSU का आरोप है कि प्रशासन छात्रों के चुने हुए प्रतिनिधियों से बात नहीं कर रहा है। उन्होंने कुलपति पर सिर्फ़ कुछ लोगों से बात करने और मनमानी करने का आरोप लगाया है। JNUSU अध्यक्ष नीतीश कुमार, उपाध्यक्ष मनीषा और महासचिव मुन्तेहा फातिमा का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वे भूख हड़ताल जारी रखेंगे।
छात्र संघ ने एक बयान में कहा, "यह प्रवेश प्रक्रिया भेदभावपूर्ण और अलोकतांत्रिक है।" इसका मतलब है कि यह प्रक्रिया कुछ छात्रों के साथ अन्याय कर रही है और यह लोकतांत्रिक तरीके से नहीं हो रहा है। छात्र संघ का कहना है कि सभी छात्रों को समान अवसर दिए जाने चाहिए।
छात्र संघ के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने कहा, "जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, हम भूख हड़ताल जारी रखेंगे।" इसका मतलब है कि जब तक विश्वविद्यालय उनकी बात नहीं मान लेता, वे खाना नहीं खाएंगे। वे अपनी मांगों को लेकर गंभीर हैं और उन्हें पूरा करवाने के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं।
PTI के मुताबिक, यूनिवर्सिटी ने JNU PHD एडमिशन के लिए पूरा शेड्यूल घोषित कर दिया है। इस शेड्यूल के मुताबिक, एडमिशन के लिए छात्रों को ऑनलाइन प्रक्रिया का पालन करना होगा।
वहीं, टिप के, हैंगर स्ट्राइक को लेकर यूनिट यूनियन का कहना है कि यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन के अनुसार उनकी बात को मंजूरी दी जा रही है। इसलिए वे भूख हड़ताल कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि यूनिवर्सिटी में जून 2025 में दीक्षांत NEET परीक्षा क्वालिफाई करने वाले छात्र-छात्राओं को भी टोकन में दाखिला दिया जाए। इसके साथ ही छात्र संघ की यह भी मांग है कि JNUEE को फिर से शुरू किया जाए, क्योंकि यह एंट्रेस टेस्ट परीक्षा एक बेहतर तरीका है।
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