University Admissions 2025-26: अब बीए करने वालों को साइंस या कॉमर्स, बीएससी करने वालों को आर्ट्स और बीकॉम करने वालों को ह्यूमैनिटीज और साइंस विषय पढ़ना होगा। यूपी के विश्वविद्यालयों ने एक नया नियम लागू किया है।
इस सत्र से स्नातक स्तर के पाठ्यक्रमों में बदलाव किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के डॉ. शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय (DSMRU) में इस साल से सभी यूजी पाठ्यक्रमों में वैल्यू एडेड कोर्स और मल्टी डिसिप्लिनरी कोर्स अनिवार्य कर दिए गए हैं। नतीजा- अब बीए के छात्र विज्ञान और अन्य स्ट्रीम का एक पेपर पढ़ेंगे, जबकि विज्ञान और कॉमर्स के छात्रों को आर्ट्स के पेपर पढ़ने का मौका दिया जाएगा। विश्वविद्यालय की एकेडमिक काउंसिल की बैठक में इस पर मुहर लग गई है।
इस वर्ष से विश्वविद्यालय में अधिकांश पाठ्यक्रमों में सीयूईटी मेरिट के आधार पर प्रवेश लिए जा रहे हैं। लेकिन एकेडमिक काउंसिल में विश्वविद्यालय ने एमपीओ पाठ्यक्रमों में अपने स्तर पर प्रवेश लेने का निर्णय लिया है। इसमें बिना किसी केंद्रीय एजेंसी की प्रवेश परीक्षा की मेरिट के प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए डॉ. शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय में आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की मेरिट सूची उनकी अंतिम अर्हता परीक्षा के आधार पर तैयार की जाएगी।
इसके अलावा होटल शिक्षा पर आधारित सिद्धांतों के नामों में भी बदलाव किया गया है। डीएसएमएनआरयू में शिक्षाशास्त्र विभाग, दृष्टि बाधित विभाग, श्रवण बाधित विभाग और बेंचमार्क दिव्यांग विभाग को मिलाकर विशेष शिक्षा विभाग बनाने का फैसला लिया गया। वहीं विशेष शिक्षा विद्वान का नाम बदलकर मातृ शिक्षा विद्वान कर दिया गया है।
इसी तरह अब तक जो लोग नए डायनासोर बना रहे थे, उन्हें विभाग के नाम पर डायनासोर थ्योरी मिल रही थी। इसलिए अब थ्योरी का नामकरण भी बदल दिया गया है। अब यहां शिक्षा का प्रशिक्षण लेने वालों को स्नातक शिक्षा या विशेष शिक्षा के नाम पर डिग्री दी जाएगी। पहले यह डिग्री दृष्टि बाधित, श्रवण बाधित और दिव्यांग के नाम पर अलग से दी जाती थी।
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