IITs Admission Process: JEE अडवांस्ड का रिजल्ट जारी हो चुका है और इसके स्कोर के आधार पर भारतीय छात्रों को IITs में एडमिशन मिलेगा। IITs विदेशी छात्रों को भी एडमिशन देती हैं।
भारत में 23 इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) हैं, जहां हजारों छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। IITs की तुलना अमेरिका के आईवी लीग कॉलेजों से होती हैं, जहां होने वाली पढ़ाई हाई क्वालिटी वाली मानी जाती हैं। आईवी लीग में हार्वर्ड, कोलंबिया, पेंसिल्वेनिया जैसी 8 यूनिवर्सिटीज शामिल हैं। IITs को उनके शानदार अकेडमिक प्रोग्राम, प्रतिष्ठित फैकल्टी और बेहतरीन रिसर्च फैसिलिटी के लिए जाना जाता है। IITs में सिर्फ भारतीय छात्र ही पढ़ाई नहीं करते हैं, बल्कि विदेश से भी छात्र यहां आकर एडमिशन के लिए अप्लाई करते हैं।
अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में रहने वाले एनआरआई और विदेशी नागरिक अपने बच्चों को IITs में पढ़ाना चाहते हैं। उनके मन में सवाल रहता है कि भाहरत के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों में उनके बच्चों को किस तरह से एडमिशन मिलेगा। ऐसे में आइए जानते हैं कि विदेशी छात्रों को किस तरह से IITs में एडमिशन दिया जाता है। साथ ही समझते हैं कि उन्हें किन टेस्ट को पास करना होता है और IITs में पढ़ने के लिए उन्हें कितनी फीस भरनी पड़ती है।
IITs में एडमिशन 2025 के लिए विदेशी छात्रों को भारत के 10+2 एजुकेशन सिस्टम जैसी स्कूली शिक्षा हासिल करनी होगी। इस दौरान फिजिक्स, केमेस्ट्री और मैथ की पढ़ाई कोर सब्जेक्ट के तौर पर करना अनिवार्य है। विदेशी छात्र की उम्र 25 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। उसे 'ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन' (JEE) अडवांस्ड भी क्वालिफाई करना होगा। विदेशी छात्रों के लिए एक विशिष्ट कोटा है, जिसके तहत उनके लिए 10% आरक्षित हैं। ये सीटें भारतीय छात्रों के लिए सीटों के सामान्य पूल से अलग है। इन सीटों को आरक्षित किया गया है, ताकि विदेशी छात्रों को भारतीय छात्रों के खिलाफ सीधे प्रतिस्पर्धा किए बिना एडमिशन का मौका मिले।
भारतीय छात्रों को IIT में एडमिशन के लिए JEE Main और एडवांस्ड दोनों एग्जाम पास करने पड़ते हैं। JEE Main पास करने के बाद ही एडवांस्ड में बैठने की इजाजत होती है। हालांकि, हालांकि, प्रवासी भारतीय नागरिक (OCI) या भारतीय मूल के व्यक्ति (PIO) या विदेशी राष्ट्रीय (FN) का दर्जा रखने वाले छात्र सीधे JEE Advanced परीक्षा दे सकते हैं। उन्हें मेन एग्जाम देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
IIT में विदेशी छात्रों के लिए ट्यूशन फीस भारतीय नागरिकों की तुलना में ज्यादा है। औसतन एक विदेशी छात्र के लिए सालाना ट्यूशन फीस लगभग 3,000 से 6,000 डॉलर (2.50 लाख से 5.00 लाख रुपये) के बीच है। हालांकि, ये फीस IIT और चुने गए कोर्स के आधार पर अलग-अलग है। इसके अलावा विदेशी छात्रों को हर साल रहने-खाने पर 1.50 लाख से 3.00 लाख रुपये तक खर्च भी करने पड़ते हैं। विदेशी छात्रों के लिए स्कॉलरशिप के ऑप्शन भी सीमित होते हैं। लेकिन कुछ IITs में मेरिट-बेस्ड स्कॉलरशिप भी मिलती है।
SAARC देशों में रहने वाले OCI, PIO और विदेशी नागरिकों को एप्लिकेशन रजिस्ट्रेशन फीस के तौर पर 100 डॉलर देना होता है, जबकि गैर SAARC देशों के नागरिकों के लिए ये फीस 200 डॉलर है। ये एप्लिकेशन रजिस्ट्रेशन फीस JEE Advanced 2025 का एग्जाम सेंटर भारत में होने पर देनी पड़ती है। अगर कोई विदेश में ही JEE एडवांस्ड एग्जाम देना चाहता है, तो उसे भी ऐसा करने का ऑप्शन मिलता है। हालांकि, फिर में कोई बदलाव नहीं होता है। SAARC देश में एग्जाम देने पर 100 डॉलर और गैर SAARC देश के लिए 200 डॉलर फीस है।
विदेशी छात्रों को JEE Advanced देने का मौका तभी मिलता है, जब वे अपने संबंधित हाई स्कूल बोर्ड एग्जाम के टॉप-20 परसेंटाइल में होंगे। यह सुनिश्चित करता है कि केवल पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्रों को IITs में एडमिशन दिया जाए। टॉप-20 परसेंटाइल के लिए कट-ऑफ अंक हर साल अलग-अलग होते हैं और उस विशेष अकेडमिक साइकिल में छात्रों के प्रदर्शन पर निर्भर करते हैं।
IIT में एडमिशन के लिए अप्लाई करने के लिए विदेशी छात्रों को कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट्स चाहिए हैं। इसमें वैलिड पासपोर्ट और वीजा, हाई स्कूल ट्रांसक्रिप्ट और सर्टिफिकेट, JEE एडवांस्ड एडमिट कार्ड और स्कोरकार्ड, आयु प्रमाण (बर्थ सर्टिफिकेट), हालिया पासपोर्ट आकार की तस्वीरें, OCI या PIO होने का सबूत (यदि लागू हो), फाइनेंशियल डॉक्यूमेंट शामिल हैं।
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