US MBBS Admission Process: भारतीय छात्र भी अमेरिका में मेडिकल की डिग्री हासिल कर सकते हैं। यहां की मेडिकल शिक्षा को भी दुनिया भर में मान्यता प्राप्त है।
भारत में NEET UG के रिजल्ट कुछ ही दिनों में घोषित हो सकते हैं। इस साल इस परीक्षा में 20 लाख से ज़्यादा छात्रों ने हिस्सा लिया था। अब वे अपने नतीजों का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। हालाँकि NEET UG रिजल्ट कुछ छात्रों के लिए अच्छी खबर लेकर आएगा, लेकिन कुछ छात्र ऐसे भी होंगे जिन्हें मनचाहा स्कोर नहीं मिल पाएगा। भारत में करीब एक लाख मेडिकल सीटें हैं, जिसकी वजह से कई छात्र ऐसे होंगे जो MBBS करने के लिए विदेश जाएँगे।
विदेश में MBBS करने के लिए भी NEET UG स्कोर ज़रूरी है। अगर कोई छात्र इस परीक्षा के बिना विदेशी यूनिवर्सिटी से डिग्री हासिल कर लेता है, तो उसे भारत में प्रैक्टिस करने की अनुमति नहीं होती। वह अंत में 'फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन' (FMGE) के लिए उपलब्ध होता है। हालांकि, अब यहां सवाल यह है कि अगर कोई अमेरिका में भी MBBS करना चाहता है, तो उसे NEET की परीक्षा देनी होगी। आइए जानते हैं इस सवाल का जवाब। साथ ही, अमेरिका के वैज्ञानिक वहां के वैज्ञानिकों के मूल निवासी हैं।
अमेरिका में मेडिकल की पढ़ाई भारत से बिलकुल अलग है। भारत में 12वीं के तुरंत बाद MBBS में एडमिशन मिल जाता है, लेकिन अमेरिका में ऐसा नहीं है। यहां पर अपना खुद का एंट्रेंस टेस्ट होता है, जिसके स्कोर से तय होता है कि एडमिशन होगा या नहीं। अमेरिका में छात्रों के लिए आपको NEET परीक्षा देने की जरूरत नहीं है, यहां पर मेडिकल यूनिवर्सिटी में एडमिशन इस परीक्षा के स्कोर के आधार पर नहीं मिलता है। अमेरिका से मेडिकल की डिग्री लेने के लिए FMGE परीक्षा भी नहीं देनी होती है।
अमेरिकी मेडिकल यूनिवर्सिटीज में भारत की तरह कोई MBBS डिग्री नहीं होती, बल्कि उनके पास 'डॉक्टर ऑफ मेडिसिन' (MD) की डिग्री होती है। अमेरिका में MD की डिग्री पाने के लिए सबसे पहले आपको ग्रेजुएशन करना होगा। यह ग्रेजुएशन चार साल का होना चाहिए। फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और मैथ्स जैसे विषयों में ग्रेजुएशन करना अच्छा माना जाता है, क्योंकि इससे आगे की पढ़ाई में मदद मिलती है।
ग्रेजुएशन के बाद आपको मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के लिए 'मेडिकल कॉलेज एडमिशन टेस्ट' (MCAT) देना होगा। इसके स्कोर के आधार पर यह तय होगा कि आपको किस मेडिकल यूनिवर्सिटी में एडमिशन मिलेगा। एडमिशन के दौरान आपको स्टेटमेंट ऑफ परपज, लेटर ऑफ रिकमेंडेशन, ग्रेजुएशन में प्राप्त किए गए स्कोर, MCAT स्कोर आदि की जरूरत होगी। MD की डिग्री प्राप्त करने में आपको तीन से चार साल का समय लगेगा।
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