MBBS Seat in India: NEET UG 2025 के नतीजे आ चुके हैं। इस बार 22 लाख से ज़्यादा छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे, जिनमें से करीब 12.36 लाख क्वालिफाई हुए, लेकिन मेडिकल सीटों की भारी कमी उनके सपनों की राह में दीवार बन गई है।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने हाल ही में राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा-स्नातक नीट यूजी परीक्षा 2025 के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इस परीक्षा में सफलता पाने और अपने मनपसंद मेडिकल कॉलेज से पढ़ाई करने का सपना देखने वाले ज्यादातर छात्र शुरुआती कक्षाओं से ही तैयारी शुरू कर देते हैं।
इस साल की राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल प्रवेश परीक्षा में 20 लाख से ज़्यादा छात्र शामिल हुए थे, जिनमें से करीब 12.36 लाख छात्रों ने परीक्षा पास की, लेकिन फिर भी ये सभी NEET उम्मीदवार अपने सपने पूरे नहीं कर पाएंगे। क्योंकि भारत में उपलब्ध MBBS सीटों की संख्या हर साल परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों की संख्या की आधी भी नहीं है। ऐसे में क्या NEET पास करने के बाद भी योग्य छात्र देश में MBBS की पढ़ाई नहीं कर पाएंगे?
इस साल 22.09 लाख उम्मीदवार NEET UG 2025 परीक्षा में शामिल हुए थे, जिनमें से 12,36531 ने क्वालिफाई किया है। अब देश में 12 लाख से अधिक योग्य छात्रों के लिए केवल 1.18 लाख MBBS सीटें उपलब्ध हैं। अधिक सीटें न मिलने से करीब 12 लाख योग्य उम्मीदवार नीट पास करने के बाद भी MBBS सीटों से वंचित रह जाएंगे। ऐसे में उन्हें या तो विदेश में पढ़ाई का विकल्प चुनना होगा या फिर वैकल्पिक मेडिकल या संबद्ध स्वास्थ्य करियर विकल्पों में से किसी एक को चुनना होगा।
ऐसे में MBBS डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले इनमें से ज़्यादातर छात्रों को विदेश जाना पड़ेगा। वहीं, कुछ छात्र जो विदेश जाने का जोखिम नहीं उठा सकते, वे अपना समय और पैसा लगाकर फिर से तैयारी शुरू कर देंगे, ताकि MBBS में एडमिशन पाने के लिए उन्हें अच्छी रैंक मिल सके। भारत में सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में कितनी सीटें हैं? आइए जानते हैं!
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कॉलेज |
सीटें |
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सरकारी (Government) |
58,299 |
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निजी + डीनम्ड (Private/Deemed) |
59,891 |
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कुल सीटें (Total MBBS Seats) |
1,18,190 |
नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के 2025-26 के अपडेटेड अंडरग्रेजुएट (UG) सीट मैट्रिक्स के अनुसार, भारत में सरकारी और निजी दोनों तरह के कुल 780 मेडिकल संस्थान हैं। इसमें मेडिकल के MBBS, डेंटल, नर्सिंग, BAMS, BUMS, BHMS, BSMS कोर्स शामिल हैं। मेडिकल, डेंटल, आयुष और नर्सिंग के लिए अलग-अलग काउंसलिंग होगी।
NEET UG 2025 रिजल्ट के आधार पर देशभर के मेडिकल कॉलेजों में करीब 2.40 लाख सीटों पर एडमिशन मिलेगा। शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए भारत में एमबीएसएस कोर्स के लिए कुल 1,08,000 सीटें आरक्षित हैं। इनमें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (जेआईईपीएमईआर) और राज्य और निजी दोनों कॉलेज शामिल हैं।
ये आंकड़े चीख-चीख कर बता रहे हैं कि दिन-रात की मेहनत, नींद और सफलता का त्याग करने के बावजूद छात्रों के लिए MBBS का रास्ता साफ नहीं है। यह सिर्फ एक प्रतियोगी परीक्षा का मामला नहीं है, बल्कि उस संघर्ष का मामला है जो हर साल लाखों मेडिकल उम्मीदवारों को अनिश्चित भविष्य की ओर धकेलता है। जहां उन्हें इस बात का कोई अंदाजा नहीं होता कि आगे क्या होने वाला है।
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